
सफ़र की दुआ क़ुरआन शरीफ़ से हिंदी में। – Safar ki Dua in Quran in hindi
दोस्तों हमलोग अक्सर सफ़र के लिए निकलते है ऐसे में कोई अल्लाह न करें कोई हादसा हो जाये इस लिए हम अगर सफ़र की दुआ जोकि क़ुरानिक आयत है उसको पढ़ कर घर से निकले तो अल्लाह ने चाहा तो इंशा अल्लाह हमारा सफ़र में आसानी होगी और सलामती के साथ अपनी मंज़िल पे पहुंच जायेंगे। ये दुआ क़ुरान शरीफ की सूरह ज़ुख़रफ़ की आयत नंबर 13 और 14 है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!और वो वज़ीफ़ा ये है.
سُبْحَـٰنَ ٱلَّذِى سَخَّرَ لَنَا هَـٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُۥ مُقْرِنِينَ وَإِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ
“Glory be to the One Who has subjected these for us, for we could have never done so ˹on our own˺. And surely to our Lord we will ˹all˺ return.”
“पवित्र है वह अल्लाह, जिसने इसे हमारे वश में कर दिया। हालाँकि हम इसे वश में करने वाले नहीं थे। तथा निःसंदेह हम अपने पालनहार की ओर अवश्य लौटकर जाने वाले हैं।”
सूरह ज़ुख़रफ़ आयत नंबर 13 और 14
Surah Zukhruf, Ayat No. 13 & 14

घर से निकलते वक़्त अगर ये दुआ 1 मर्तबा भी पढ़ लेंगे तो इंशा अल्लाह ख़ैर ख़ैरयत से अपना सफ़र पूरा कर लेंगे इंशा अल्लाह।